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Showing posts from November, 2016

Quotes

New day is a like a fresh new sheet of paper, pencil and some thought and dreams which we had at last night.... come out with that thought and have a good sketch on it ... $hivam Mishra

patti (leave)

 पत्ती फिर   टूट गई पत्ती डाल से कहती, थी जीना चाहती हु | पर शायद यह नहीं हो पाया दरंदगी जीवन के युद्ध में कर   दिया उसे   वीरगति पर मजबूर वितेरासना ने घेर कर किया उसे दूर उसने भी स्वपन संजोये थे | कोशिश थी पर रह गए अपूर्ण वह काली रात्रि वह घनघोर घटाए दरंदगी जीवन के युद्ध का वहीभतश्य   साया दरंदगी नकाब ओढ़ था आया | मौत का परचम लहराया हार गए जिन्दगी, ले गए बजी दरंदगी | अंत समय सहाश का था आयाम फिर मौत जीवन का हुआ संग्राम जिस ने पल पल था मौत से कहराया नाजुक पल था वह आया जीन्दगी ने भी अंत मे हाथ छुड़ाया विलुप्त सी हो गई वह कहा फिर हनन हुई जिन्दगी शर्मशार हुई मानवता टूट कर वह   पत्ती डाल से आखिर जगा गए जन हुनकार |                               शिवम् मिश्रा            ...

Artist never die.....

आर्टिस्ट आज एक आर्टिस्ट   मर रहा है पर न जाने क्यों उसका   दिल गम से है   भरा हुआ | पल पल जिसने क्षणौ को जिया है,   पर कुछ ओर पल जीने को है तरस रहा |                                          .............. रंगों भरी सजाये थी दुनिया जिसने आज मात्र काले रंग है     परछाई   है उसकी , धुंध सा स्वेत बन तान्हापन चाहो और है बिखर रहा |                                       ................ रंगीन   दुनिया का कलाकार   वो हर वक्त जीवन से लड़ रहा कुछ पल के रंगीन रंगों के लिये नित्य पर्यन्त कोश...
All phase are  same but not i.e time and some faces..                                                                          $hivam...
Don't stop when you are tired ...stop when you are done!