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Showing posts from December, 2019

kash makash !!

zindgi ki daur se gujjar raha hu iski har seekh se savar raha hu bhale hi abhi na me khush hu abhi mera time nahi issilye me chup hu aane wala waqt mere sath h bharoosa h khudh pe tabhi to kuch baat h aaj h ujjawla to phir se kal rat h us raat me jeene ke liye yahi jassbaat hai जिंदगी की दौड़ से गुजर रहा हूं इसकी हर  सीख से सवर रहा हूं भले ही अभी ना में खुश हूं अभी मेरा टाइम नहीं है इसलिए मैं चुप हूं आने वाला वक्त मेरे साथ है भरोसा है खुद पर तभी तो कुछ बात है आज है उजाला तो कल फिर से रात है उस रात में जीने के लिए यही जज्बात है।

bat ball & Smart phone।।

मुंह फुलाए एक कोने में खड़े हैं वो बैट और बाल जो हाथो और खंधो  का साथ लिए मैदाने घूमा करती थी पूछने पर पता चलता शिकायते  हमारे स्मार्ट फोन से है।

यश- गान

ना खुद को नापो कद से, अपना खुद का यश गान बनो इस जीवन में खुद के लिए शान बनो बुझा मसाल ना खुद को  समझो  अपना खुद का आग बनो  इस अंधकारमय संसार के दीपक अंशुमान बनो   चंद बूंदों वर्षा की ना समझो खुद को स्वयं खुद की के मेघ  बनो  तुम इस धारा के उद्धारक इन्द्र बनो  कैद ना खुद को समझो  संचालन स्वयं का  खुद करो तुम  इस जन्म के इतिहासकार व सौरवान बनो। ना खुद को समझो तुम तुच्छ मानव  स्वयं के उद्धारक कृष्ण बनो तुम  अपने मया के बल पर इस भारत का अभिमान बनो ।