Posts

Showing posts from February, 2019

शहादत

शहादत !! 14 फरबरी का दिन शहादत का ये   मेरे अपने  जवानों की  गाथा का  देश की रक्षा करने का  बेडा जिन्होने उठाया था ये l घर से दूर कुछ ही गये ये  अपनी – वादों को  कर के चले   ऋण चुकाने  मात्रभूमि की खातिर शहादत मे शरीक होने चले ये l मौत था मेघ का  चादर ओढ़, ओठ था बरसात की लेकर आया ये  R.D.X के वज्रपात के खंजर से था   जवानों को, आगोस मे सुलाया   l आज लिपट तिरंगो मे देखो ये  अपने – अपने घर को लौट गये , ऋण चुका कर ये वीर सपूत दिन शहादत का हमे सौप गए l

Libash

लिबास बचपन से अभी तक  लिबास बदलते गए स्कूल –कॉलेज प्रोफेशन के हिसाब से ढलते चले गये समय के मौसम के हिसाब से ढलते चले गए लोगो के आचार विचार मे बसते रह गए l प्रोमोशन के हिसाब से रंगों के मायाजाल मे, बस पाने की होड़ मे लग गईl कुछ ओर कुछ ओर पाने की हट मे यही लिबास सफ़र सफर पर  बदलती चली गयी हमारे लोगो को परखने  के अंदाज मे अच्छे बुरे के पहचान में सत्य -असत्य के पेमाने    मे लिबास नहीं मनो चेरेक्टेर् सर्टिफिकेट  बन गये मुल्को मुल्के के हिसाब से  राज्यों -राज्यों  मे बदल कर रह गयी  इतिहास को हे नहीं बल्कि  भविष्य का भी अनुमान  बताने लगी ऊँच-नीच अमीर –गरीब नीता –राजनेता की परख लिबास से होने लग गयी यहाँ तक की रंगारंग वैदिक कार्यकर्म के अनुरूप सुख –दुखो के अनुरूप बन कर रह गयी पल पल मे लिबास बदलता चला गया जीवन के अन्तिम पालो मे  देह रूपी  लिबास छोड़ कर  अमरता के  लिबास को पाना है