khoya hai

आज  सुबह से  गम में घेरा है ।
लगता है २०० km दूर किसी ने अपने को खोया है।
वितार्सानाओ ने मुझे दूर धकेला है ।
अपने से दूर होकर आज वो खूब रोया है ।

सुख दुख के क्रम में दुख ने आज रोका है 
दुख तो बहुत है जीवन में
पर इस दुख ने आज दिल तोड़ा है 
आज फिर किसी से  ज़िन्दगी ने मुंह फेरा है लगता है।

आज सफर में चलते चलते किसी ने टोका है
लगता है आज वो भी ठहर  गया होगा 
जिसके जानने से आज ये दिल रोया है 
लगता है किसी मां के आंचल ने आज घर छोड़ा है


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