V.B.P.S class 10 वो दिन भी याद आया । #memories_#VBPS.
Class 10 का वह भी दिन याद आया
कौशल, नितिन,शिवम के जलवे ने
क्लास में चार चांद लगाया
नित्य प्रतिदिन के जलवे ने जो
Class से भटकाया पनिशमेंट में अटकाया..
वो दिन भी याद आया ।.......
PTM का संदेश था आया cupboard को तब हमने हाथ लगाया
अनशन कर दिन बिताया,
अन्ना जी का साथ निभाया
चार-पांच दिन जमीन पर बैठ,
गुरुकुल का था आनंद उठाया ।
वह दिन भी यह याद आया....
एक क्षण इंजीनियरिंग का ख्याल हो आया
भाई न्यू ईयर नेता द्वार खटखटाया
तब सर्किट को था हाथ लगाया
तब H.M ने था हाथ लगाया जो सर्किट से भयानक हो आया
वो भी दिन याद आया.....
कितने window- glass ही फूटे थे
कितनों के दिल भी टूटे थे
धर्य प्रदर्शन का हम सब ने जो
जोहर कर दिखलाया था
वह दिन भी याद आया है .....
हवाओं के झोंकों पर भी दोष लगाया
जब दरवाजे का पेंच खुल जमीन पर आया
बचने के लिए Bench के पेंच खोल
हमने दरवाजों में लगाया
वह दिन भी याद आया है
रोज रोज-रोज तानों के लेक्चर से पेट भरा जाता
क्योंकि लंच तो हमने पहले ही खाया
रोज रोज नए कार्यों को अंजमया
इसके विपरीत आनंदमई खुशियां मनाया।
वो दिन भी याद आया ।.......
जब 10 -A से अच्छा कहलाया जिसने गर्व दिलवाया Useless worthless even jangli के बाद हमने ये पद पाया
वो दिन भी याद आया ....

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